ONGC Q4 परिणाम: आय में बढ़ोतरी के बावजूद शुद्ध लाभ में गिरावट, शेयरधारकों के लिए लाभांश की घोषणा

देश की अग्रणी सार्वजनिक तेल उत्पादक कंपनी, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (मार्च तिमाही) के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी के इस बार के आंकड़े मिले-जुले संकेत दे रहे हैं; जहां एक तरफ कुल राजस्व में अच्छी वृद्धि देखी गई है, वहीं दूसरी ओर शुद्ध लाभ में कमी आई है। हालांकि, मुनाफे की गिरावट के बीच भी कंपनी ने अपने निवेशकों को तोहफा देते हुए फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।

 
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राजस्व में उछाल, लेकिन मुनाफे पर दबाव

मार्च तिमाही के दौरान ONGC का प्रदर्शन वित्तीय मोर्चे पर दोतरफा रहा। इस अवधि में कंपनी की कुल परिचालन आय (Revenue) 13.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹35,928 करोड़ पर पहुंच गई, जो इससे पिछली तिमाही में ₹31,547 करोड़ दर्ज की गई थी।

इस शानदार बिक्री के उलट, कंपनी के शुद्ध लाभ (Net Profit) में तिमाही आधार पर करीब 20.6% की गिरावट आई है। पिछली तिमाही के ₹8,372 करोड़ के मुकाबले इस बार शुद्ध मुनाफा घटकर ₹6,650 करोड़ रह गया। मुनाफे में आई इस कमी का सीधा असर कंपनी की परिचालन लाभ क्षमता पर भी पड़ा। ONGC का एबिटडा (EBITDA) 17.1% घटकर ₹12,666 करोड़ हो गया, जो पहले ₹15,272 करोड़ के स्तर पर था। नतीजतन, कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी पूर्व के 48.4% से खिसककर 35.3% पर आ गया है।

निवेशकों के लिए फाइनल डिविडेंड को मंजूरी

मुनाफे में कमी आने के बावजूद कंपनी ने अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की परंपरा को बरकरार रखा है। ONGC के निदेशक मंडल ने ₹5 की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹1 (यानी 20 फीसदी) का अंतिम लाभांश (Final Dividend) देने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव को आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की औपचारिक स्वीकृति के बाद लागू किया जाएगा।

शेयर बाजार की बात करें तो, नतीजों की घोषणा से पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ONGC का शेयर ₹2.55 (0.89%) की हल्की मजबूती के साथ ₹287.50 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने सूचित किया कि 31 मार्च, 2026 तक उसके पास ₹1,000 करोड़ के असुरक्षित गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCDs) बकाया हैं, जिन्हें सेबी के नियमों के अनुसार सुरक्षा कवर प्रमाणपत्र से छूट प्राप्त है।

गुजरात में नए लिक्विड पोर्ट का निर्माण करेगी ONGC

भविष्य के विस्तार और लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कंपनी ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजना की घोषणा की है। ONGC गुजरात के दहेज में 5 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) क्षमता वाला एक नया लिक्विड कार्गो पोर्ट विकसित करेगी।

इसके कार्यान्वयन के लिए बोर्ड ने गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (GMB) के साथ 50:50 की हिस्सेदारी के तहत एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस बुनियादी ढांचागत परियोजना से कंपनी के एकीकृत ऊर्जा व्यवसाय को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस परियोजना को अंतिम रूप से शुरू करने से पहले निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) की अनुमति आवश्यक होगी।

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